जिंदगी का अकेलापन ही जिंदगी से लड़ने का साहस देता है। जब चारों तरफ सन्नाटा होता है, कोई आवाज देने वाला नहीं होता, तब इंसान अपने अंदर की आवाज सुनता है।
भीड़ आपको तालियां दे सकती है, पर हौसला नहीं। हौसला तब आता है जब आप अकेले कमरे में अपने आंसू खुद पोंछते हो और फिर से उठकर कहते हो "अभी हारा नहीं हूं"।
अकेलापन सजा नहीं है, ये जिंदगी का वो टीचर है जो आपको सबसे स्ट्रॉन्ग लेसन सिखाता है - "Self Love"। जिस दिन आपने खुद का साथ देना सीख लिया, उस दिन दुनिया की कोई ताकत आपको तोड़ नहीं सकती।
इसलिए अगर आज तन्हा हो, तो घबराओ मत। ये वक्त तुम्हें अगले लेवल के लिए तैयार कर रहा है।