Platform 12 - मेरी डायरी से, जब मेरी ट्रेन लेट थी और मुझे जिंदगी की सीख मिली

 


 डॉ. आशुतोष सिंह। 2024 में मैं Mumbai से Robertsganj लौट रहा था। मेरी ट्रेन 2 घंटे लेट थी, मैं Platform 12 पर बैठा था।


वहाँ एक बुजुर्ग चाय वाले चाचा मिले। मैंने अपनी किताब "संघर्ष - एक नन्हा कदम जिंदगी की ओर" के बारे में सोच रहा था, तभी उन्होंने कहा - "बेटा, हर अलविदा में एक नया हैलो छुपा होता है।"


बस वहीं से मुझे इस कहानी का आइडिया आया।


हम सब Bombay, Delhi हीरो बनने जाते हैं। मैं भी गया। मेरा पहला शो फ्लॉप था, मेरी पहली किताब को लोगों ने नहीं पढ़ा। मुझे लगा 3 साल बर्बाद हो गए।


उस चाचा ने कहा - "ये कुल्हड़ 10 मिनट चाय रखता है, फिर टूट जाता है। क्या वो बर्बाद है? नहीं, क्योंकि 10 मिनट उसने किसी को गर्मी दी। तुम्हारा Bombay भी तुम्हारा कुल्हड़ था।"


ये लाइन मैंने उसी दिन लिखी थी। आज जब मेरा गाना Aaj Ki Raat 2 Spotify और Apple Music पर है, तो मुझे वो कुल्हड़ वाली बात याद आती है।


तो दोस्तों, अगर आपकी जिंदगी की ट्रेन भी Late है, तो समझो Cancel नहीं हुई है, बस Design हो रही है।


मेरे बारे में:

मैं Dr. Ashutosh Singh, International Author & Singer-Songwriter from Robertsganj, India. Founder - Sarvagya App. मेरी किताब संघर्ष - एक नन्हा कदम जिंदगी की ओर Amazon पर उपलब्ध है।

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