"भैया, इस बार राखी पर क्या लाओगे?"
8 साल की गुड़िया हर साल यही पूछती थी। और 15 साल का रोहन हर साल हंसकर टाल देता।
"इस बार पक्का सोने का कंगन लाऊंगा बिट्टू।"
पापा नहीं थे। मां लोगों के घर चौका-बर्तन करती थी। रोहन स्कूल के बाद गैरेज में काम करता। 200 रुपये रोज के।
**राखी 2014**
उस दिन गुड़िया ने पहली बार रोहन की कलाई पर धागा नहीं, एक पुराना रिबन बांधा।
"भैया, कंगन नहीं चाहिए। बस वादा करो कभी मुझे छोड़कर नहीं जाओगे।"
रोहन की आंख भर आई। "पागल, भाई बहन को छोड़कर कहां जाता है।"
बहन का प्यार है अनमोल खजाना,
भाई की कलाई का सबसे हसीन नजराना।
ना सोना चाहिए ना चांदी चाहिए,
बस भाई का साथ जिंदगी भर चाहिए।
**12 साल बाद - 2026**
रोहन अब दुबई में इंजीनियर था। महीने का 2 लाख कमाता था। गुड़िया 20 साल की हो गई थी। उसकी शादी तय हो गई।
शादी से 15 दिन पहले गुड़िया का फोन आया। रात के 2 बजे।
"भैया... वो... मैं शादी नहीं करना चाहती।"
"क्या हुआ बिट्टू? लड़का अच्छा है, घर अच्छा है।"
"भैया मुझे कैंसर है। ब्लड कैंसर। तीसरी स्टेज। डॉक्टर ने 6 महीने दिए हैं। मैं उस लड़के की जिंदगी खराब नहीं करना चाहती।"
रोहन के हाथ से फोन गिर गया। दुबई से अगली फ्लाइट पकड़ी।
**राखी का कर्ज**
गुड़िया हॉस्पिटल के बेड पर थी। बाल उड़ चुके थे। पर चेहरे पर वही 8 साल वाली स्माइल।
"भैया आए? देखो मैंने राखी संभाल के रखी है। इस बार तो कंगन ले आना।"
रोहन फूट-फूट कर रोया। "ले आऊंगा बिट्टू। सोने का नहीं, हीरे का लाऊंगा।"
अगले दिन रोहन ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। घर, गाड़ी, सब बेच दिया। 50 लाख जमा किए।
"भैया ये क्या कर रहे हो? इलाज नहीं होगा मेरा।"
"होगा बिट्टू। अमेरिका में होगा। सबसे महंगा इलाज होगा।"
राखी का धागा कच्चा नहीं होता,
भाई का वादा सच्चा होता है।
बहन हंसती रहे बस यही दुआ है,
भाई का हर सांस बहन के नाम होता है।
**6 महीने बाद**
अमेरिका। बोन मैरो ट्रांसप्लांट। रोहन ने खुद डोनेट किया।
ऑपरेशन के बाद डॉक्टर आया। "She is cancer free now. She will live."
रोहन बेहोश था, पर चेहरे पर स्माइल थी।
**रक्षाबंधन 2026**
गुड़िया बिल्कुल ठीक हो गई थी। रोहन अब इंडिया में था। एक छोटी सी दुकान। सारी सेविंग्स खत्म।
गुड़िया ने रोहन की कलाई पर राखी बांधी। साथ में एक हीरे का कंगन।
"ये क्या है बिट्टू? पैसे कहां से आए?"
"भैया, जिस लड़के से रिश्ता टूटा था ना, वो आया था हॉस्पिटल। रोज आता था। उसने ही अमेरिका का बिल भरा। कहता है - जो भाई अपनी बहन के लिए सब कुछ छोड़ सकता है, उसकी बहन से शादी करना मेरे लिए फक्र की बात है।"
रोहन अवाक था।
"और भैया, अगले महीने मेरी शादी है। उसी लड़के से। पर इस बार तुम कन्यादान करना।"
रोहन ने गुड़िया को गले लगा लिया। 12 साल पहले किया वादा आज पूरा हुआ था।
भाई-बहन का रिश्ता सबसे प्यारा,
राखी के धागे में बंधा सारा जग सारा।
बहन की आंख में आंसू ना आए कभी,
भाई खड़ा है हर दुख में सबसे आगे।
आज रोहन की दुकान पर एक बोर्ड लगा है:
"राखी वाला भाई - यहां हर बहन के लिए कंगन फ्री है, बस भाई को साथ लाना।"
**The End**
अगर आपकी बहन है तो आज उसे कॉल कर लेना।
"राखी पर क्या चाहिए" मत पूछना।
बस पूछना "तू खुश तो है ना बिट्टू?"
क्योंकि भाई का असली कंगन, बहन की स्माइल होती है।
