Robertsganj के पास है सोनभद्र का Taj Mahal - वीर लोरिक पत्थर, जहाँ एक वार में कटी थी चट्टान। वीर लोरिक पत्थर - सोनभद्र की सबसे बड़ी प्रेम कहानी

 



ताजमहल को तो सब जानते हैं, पर क्या आप जानते हैं हमारे  robertsganj से सिर्फ 6 KM दूर भी मोहब्बत की एक ऐसी निशानी खड़ी है जो 1000 साल से दो हिस्सों में बंटी हुई है?


हम बात कर रहे हैं - वीर लोरिक पत्थर की, जो मारकुंडी घाटी में है।


वीर लोरिक कौन थे?


वीर लोरिक कोई राजा नहीं थे। वो बलिया जिले के गौरा गाँव के एक साधारण यादव परिवार के वीर योद्धा थे। कहते हैं उनके पास 400 किलो की तलवार थी और वो अकेले 100 पहलवानों पर भारी पड़ते थे।


उनकी प्रेम कहानी हुई सोनभद्र की अगोरी रियासत की राजकुमारी मंजरी से।


पत्थर दो टुकड़ों में कैसे कटा?


कहानी फिल्म जैसी है।


मंजरी के पिता राजा मोलागत को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। उन्होंने लोरिक के सामने शर्त रखी - "पहले मेरी सेना को हराओ।"


मारकुंडी घाटी में भीषण युद्ध हुआ। लोरिक ने अकेले ही राजा की विशाल सेना को हरा दिया।


जीत के बाद मंजरी ने कहा - "लोरिक, दुनिया हमारे प्यार को कैसे याद रखेगी?"


तब लोरिक ने मंजरी से कहा - "देखो।"


और अपनी चमचमाती तलवार से सामने खड़ी विशालकाय काली चट्टान पर एक वार किया। एक ही झटके में वो 20 फीट ऊँची चट्टान दो बराबर हिस्सों में कट गई।


लोरिक ने कहा - "जैसे ये पत्थर कट के भी एक साथ खड़ा है, वैसे ही हमारा प्यार भी हमेशा एक रहेगा।"


तभी से इसे वीर लोरिक पत्थर कहते हैं।


कहाँ है ये पत्थर? कैसे पहुँचे?


लोकेशन: Robertsganj से वाराणसी रोड पर मारकुंडी घाटी, इको पॉइंट के पास।

दूरी: जिला मुख्यालय से सिर्फ 5-6 KM।

कैसे जाएं: Robertsganj चौराहे से ऑटो मिल जाएगा, 10 मिनट का रास्ता है। बाइक से तो 5 मिनट।


यहाँ क्यों जाना चाहिए?


ये सिर्फ पत्थर नहीं, 10वीं सदी की सबसे सच्ची प्रेम कहानी का सबूत है।

गोवर्धन पूजा पर यहाँ मेला लगता है, जहाँ प्रेमी जोड़े अपने प्यार के लिए मन्नत मांगते हैं।

यहाँ से पूरी मारकुंडी घाटी का View दिखता है, फोटो के लिए बेस्ट जगह है।


FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


Q1. वीर लोरिक पत्थर कहाँ है?

ये सोनभद्र के मारकुंडी घाटी में Robertsganj से 6 KM दूर वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर है।


Q2. वीर लोरिक कौन थे?

वे 10वीं सदी के एक महान यादव योद्धा थे, जो बलिया के गौरा के रहने वाले थे।


Q3. वीर लोरिक पत्थर की कहानी क्या है?

मान्यता है कि वीर लोरिक ने अपनी प्रेमिका मंजरी के लिए अपनी तलवार से इस विशाल पत्थर को एक ही वार में दो हिस्सों में काट दिया था।


नोट: कृपया वहाँ जाकर पत्थर पर नाम लिखकर गंदा न करें। ये हमारी विरासत है।


अगला जरूर पढ़ें: Robertsganj के पास मिला 55 करोड़ साल पुराना रहस्य, NASA भी हैरान - Sonbhadra Fossil Park की पूरी कहानी


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Robertsganj का नाम कैसे पड़ा? - https://www.live24status.online/2025/08/robertsganj-ka-naam-kaise-pada.html Salkhan Fossils Park (55 करोड़ साल पुराना रहस्य) - https://www.live24status.online/2025/08/55-crore-salkhan-fossils-park.html

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