Sonbhadra की सोने की गुफा - जहाँ आज भी रात में रोशनी दिखती है
Sonbhadra को लोग यूपी का राजस्थान कहते हैं। यहाँ पहाड़, जंगल, और गुफाएं इतनी हैं कि आज तक पूरी तरह खोज नहीं हुई। इन्हीं में से एक है विजयगढ़ किले के पास वाली सोने की गुफा।
मेरे नाना जो Robertsganj में रहते थे, वो कहते थे - "बेटा, गुफा में सोना नहीं, सोने जैसी किस्मत है, पर लालच लेकर जाओगे तो पत्थर भी नहीं मिलेगा।"
कहानी शुरू होती है 1942 से...
अंग्रेजों को खबर लगी कि विजयगढ़ किले के नीचे एक गुफा है जहाँ राजाओं ने अपना सोना छुपाया था। एक अंग्रेज अफसर James ने 20 मजदूरों के साथ खुदाई शुरू की।
3 दिन तक खुदाई चली। चौथे दिन गुफा के अंदर से पीली रोशनी निकली। मजदूर चिल्लाए - सोना!
James लालटेन लेकर अंदर घुसा। अंदर दीवारों पर सोने जैसी चमक थी। उसने जेब में कुछ पत्थर भरे और बाहर आया।
बाहर आते ही उसकी नाक से खून आने लगा। 2 घंटे में उसकी मौत हो गई। मजदूरों ने पत्थर देखे तो वो तो सिर्फ पीले पत्थर थे, सोना नहीं।
तब से गाँव वालों ने उस गुफा को बंद कर दिया।
आदिवासियों की मान्यता क्या है?
वहाँ के बैगा आदिवासी कहते हैं - गुफा में सोना नहीं, सोनमती देवी रहती हैं। वो देवी रात में दिया जलाती हैं, इसलिए दूर से सोने जैसी चमक दिखती है।
अमावस्या की रात आज भी गुफा के पास कोई नहीं जाता। कहते हैं अगर लालच से देखोगे तो आँखें चौंधिया जाती हैं।
विज्ञान क्या कहता है?
Geologist बताते हैं कि Sonbhadra की चट्टानों में Mica और Pyrite बहुत है, जिसे Fool's Gold कहते हैं। अंधेरे में टॉर्च की रोशनी पड़ने पर वही सोने जैसा चमकता है। और गुफा के अंदर जहरीली गैस (Methane) भी है, जिससे James की मौत हुई होगी।
पर गाँव वाले आज भी नहीं मानते। वो कहते हैं - विज्ञान हर चीज़ नहीं बता सकता।
निष्कर्ष:
सोना है या नहीं पता नहीं, पर Sonbhadra की इस गुफा में एक सीख जरूर है - लालच हमेशा अंधा बनाता है। नाना सही कहते थे।
अगर कभी Robertsganj जाओ तो विजयगढ़ किला जरूर देखना, पर गुफा में अकेले मत जाना।
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डॉ. आशुतोष सिंह - Robertsganj, Sonbhadra

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