Robertsganj Tiranga Yatra Nagar Palika Park Bachcho Ki Rally
रॉबर्ट्सगंज में लहराया तिरंगा, बच्चों के जोश ने जीता दिल
सोनभद्र। देशभक्ति जब बच्चों के चेहरों पर दिखती है तो उसका नजारा सबसे खूबसूरत होता है। कुछ ऐसा ही नजारा आज रॉबर्ट्सगंज में देखने को मिला। आज सुबह रॉबर्ट्सगंज के नगर पालिका पार्क से एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इस यात्रा की सबसे खास बात ये रही कि इसमें ढेर सारे स्कूली बच्चों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ सहयोग दिया।
सुबह करीब 9 बजे से ही नगर पालिका पार्क में बच्चों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। हाथों में तिरंगा, माथे पर तिरंगे का बैंड और जुबान पर "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" के नारे। हर बच्चा अपने आप में एक सिपाही लग रहा था। नगर पालिका प्रशासन और स्थानीय स्कूलों के संयुक्त तत्वावधान में इस यात्रा का आयोजन किया गया था।
नगर पालिका पार्क से शुरू हुआ देशभक्ति का कारवां
नगर पालिका अध्यक्ष और उपजिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। पार्क से निकलते ही यात्रा ने मुख्य बाजार का रुख किया। आगे-आगे ढोल-नगाड़े, उसके पीछे तिरंगे के साथ बच्चे और उनके पीछे शहर के गणमान्य नागरिक। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे इसमें लोग जुड़ते गए। दुकानदारों ने अपनी दुकानों से बाहर निकलकर तिरंगा यात्रा पर फूल बरसाए।
यात्रा नगर पालिका पार्क से शुरू होकर कचहरी चौराहा, धर्मशाला चौराहा, मुख्य बाजार, बस स्टैंड होते हुए पूरे शहर में घूमी। लगभग 4 किलोमीटर की इस यात्रा में बच्चों का जोश एक मिनट के लिए भी कम नहीं हुआ। 45 डिग्री की गर्मी में भी बच्चे "तिरंगा हमारी शान है" के नारे लगाते रहे।
बच्चों ने दिया एकता का संदेश
इस यात्रा में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के 1000 से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चे जो अभी ठीक से चलना भी नहीं सीखे थे, वो भी अपने माता-पिता की गोद में तिरंगा लहरा रहे थे। एक छठी क्लास की छात्रा ने बताया - "हमें बहुत गर्व है कि हम तिरंगा यात्रा का हिस्सा बने। हमारा तिरंगा सबसे प्यारा है।"
शिक्षकों का कहना था कि ऐसी यात्राओं से बच्चों में बचपन से ही देशभक्ति की भावना जागृत होती है। किताबों में पढ़ने से ज्यादा असर जमीन पर तिरंगा हाथ में लेकर चलने से होता है।
शहरवासियों ने किया भव्य स्वागत
पूरे रास्ते में शहरवासियों ने यात्रा का स्वागत किया। जगह-जगह पानी और शरबत के स्टॉल लगाए गए थे। कई जगहों पर महिलाओं ने आरती उतारकर बच्चों का स्वागत किया। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
यात्रा का समापन फिर से नगर पालिका पार्क में ही हुआ, जहां सभी बच्चों ने एक साथ खड़े होकर राष्ट्रगान गाया। वो दृश्य बेहद भावुक करने वाला था। हजारों आवाजों में जब जन-गण-मन गूंजा तो हर किसी की आंखों में देश के प्रति गर्व के आंसू थे।
क्यों जरूरी है ऐसी यात्राएं?
आज के समय में जब बच्चे मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में खो रहे हैं, तब उन्हें जमीन से जोड़ने के लिए ऐसी यात्राएं बहुत जरूरी हैं। तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, ये हमारी पहचान है, हमारे शहीदों की कुर्बानी का प्रतीक है। जब बच्चा अपने हाथ से तिरंगा लहराता है तो वो उस कुर्बानी को समझता है।
रॉबर्ट्सगंज की इस तिरंगा यात्रा ने ये साबित कर दिया कि सोनभद्र के लोगों में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी है। और जब बात तिरंगे की आती है तो पूरा शहर एक साथ खड़ा हो जाता है।
निष्कर्ष
रॉबर्ट्सगंज नगर पालिका पार्क से निकली ये तिरंगा यात्रा सिर्फ एक रैली नहीं थी, ये एक संदेश था - कि हम एक हैं, हम भारतीय हैं। बच्चों के सहयोग ने इस यात्रा को और भी ऐतिहासिक बना दिया। उम्मीद है कि आगे भी ऐसी यात्राएं निकलती रहेंगी और हमारे बच्चे ऐसे ही देशभक्ति के रंग में रंगे रहेंगे। जय हिंद!
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8. FAQ
Q1: रॉबर्ट्सगंज तिरंगा यात्रा कहाँ से शुरू हुई?
ये यात्रा रॉबर्ट्सगंज के नगर पालिका पार्क से शुरू हुई थी और पूरे शहर में घूमी।
Q2: तिरंगा यात्रा में किसने भाग लिया?
इसमें मुख्य रूप से स्कूली बच्चों, नगर पालिका कर्मियों, शिक्षकों और शहर के आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
Q3: तिरंगा यात्रा का रूट क्या था?
नगर पालिका पार्क - कचहरी चौराहा - धर्मशाला चौराहा - मुख्य बाजार - बस स्टैंड - वापस नगर पालिका पार्क।
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